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प्रश्न
नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।
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उत्तर
लेखक द्वारा खीरा खाने के इंकार करने के बाद नवाब साहब ने भी खीरों को खाए बिना केवल सुँघकर खिड़की से बाहर फैंक दिया। खीरा न खाने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा, 'खीरा लज़ीज़ होता है लेकिन होता है सकील, नामुराद मेदे (अमाशय) पर बोझ डाल देता है। हमें उनके द्वारा बताया गया यह कारण उचित प्रतीत नहीं होता क्योंकि उन्होंने पहले स्वयं ही वे खीरे खरीदे थे। किन्तु लेखक द्वारा उसे खाने से इंकार करने और अपनी नवाबी शान का झूठा दिखावा करने के लिए उन्होंने खीरे बिना खाए केवल सुँघकर फेंक दिए।
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