मराठी

आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

इस कहानी का नाम ‘दिखावटी प्रतिष्ठा’ भी रखा जा सकता है, क्योंकि नवाब साहब ने अपनी बनावटी प्रतिष्ठा और सामाजिक दिखावे को बनाए रखने के लिए अपनी वास्तविक इच्छा का दमन कर दिया। उनके आचरण से स्पष्ट होता है कि वे अपनी छवि को बचाने के लिए अपनी इच्छाओं का त्याग करने को भी तैयार थे।

shaalaa.com
लखनवी अंदाज़
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ६४

संबंधित प्रश्‍न

लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?


नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?


खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।


क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।


‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक यशपाल ने यात्रा करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों खरीदा?


लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?


खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए नवाब साहब ने क्या-क्या किया और उन्हें किस तरह सजाकर रखा? पठित पाठ के आधार पर लिखिए।


नवाब साहब द्वारा लेखक से बातचीत की उत्सुकता न दिखाने पर लेखक ने क्या किया?


खीरे की फाँकें खिड़की से फेंकने के बाद नवाब साहब ने गुलाबी आँखों से लेखक की ओर क्यों देखा?


नवाब साहब ने खीरे की फाँकों पर नमक-मिर्च छिड़का जिसे देखकर लेखक ललचाया पर उसने खीरे खाने का प्रस्ताव अस्वीकृत क्यों कर दिया?


बिना खीरा खाए नवाब साहब को डकार लेते देखकर लेकर क्या सोचने पर विवश हो गया?


सेकंड क्लास के डिब्बे में लेखक के अचानक आ जाने से नवाब साहब के एकांत चिंतन में विघ्न पड़ गया? उनके चिंतन के बारे में लेखक ने क्या अनुमान लगाया?


सेकंड क्लास के डिब्बे की उन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए जिनके कारण लेखक और नवाब साहब दोनों ने उसे यात्रा के लिए चुना।


नवाब साहब के व्यवहार में अचानक कौन-सा बदलाव आया और क्यों?


लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।


नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।


लेखक को देखकर नवाब साहब असहज क्यों हो गए? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×