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‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

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प्रश्न

‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक के मूल में व्यंग्य निहित है। इस कहानी में वर्णित स्थान लखनऊ के आसपास का प्रतीत होता है। इसके अलावा नवाब साहब की शान, दिखावा, रईसी का प्रदर्शन, नवाबी ठसक, नज़ाकत आदि सभी लखनऊ के उन नवाबों जैसी है, जिनकी नवाबी कब की छिन चुकी है पर उनके कार्य व्यवहार में अब भी इसकी झलक मिलती है। पाठ को पूरी तरह अपने में समेटे हुए यह शीर्षक ‘लखनवी अंदाज़’ पूर्णतया सार्थक एवं उपयुक्त है।

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लखनवी अंदाज़
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