Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।
Advertisements
उत्तर
यदि किसी व्यक्ति की रुचि या लगाव अच्छे कार्यों की ओर हो, तो वह सकारात्मक रूप धारण कर लेता है। ऐसी प्रवृत्ति न केवल व्यक्ति के विकास में सहायक होती है, बल्कि समाज के लिए भी लाभकारी सिद्ध होती है। उदाहरण के लिए, किसी नेता का राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण या किसी विद्यार्थी का पढ़ाई के प्रति विशेष लगाव उसे सफलता की ओर अग्रसर करता है। इस प्रकार की सनक या जुनून हमेशा लाभ पहुँचाती है और किसी प्रकार की हानि नहीं करती।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?
आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?
लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?
खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए नवाब साहब ने क्या-क्या किया और उन्हें किस तरह सजाकर रखा? पठित पाठ के आधार पर लिखिए।
नवाब साहब द्वारा लेखक से बातचीत की उत्सुकता न दिखाने पर लेखक ने क्या किया?
नवाब साहब ने खीरे की फाँकों पर नमक-मिर्च छिड़का जिसे देखकर लेखक ललचाया पर उसने खीरे खाने का प्रस्ताव अस्वीकृत क्यों कर दिया?
बिना खीरा खाए नवाब साहब को डकार लेते देखकर लेकर क्या सोचने पर विवश हो गया?
सेकंड क्लास के डिब्बे में लेखक के अचानक आ जाने से नवाब साहब के एकांत चिंतन में विघ्न पड़ गया? उनके चिंतन के बारे में लेखक ने क्या अनुमान लगाया?
नवाब साहब के व्यवहार में अचानक कौन-सा बदलाव आया और क्यों?
लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?
क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।
‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।
‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।
लेखक को देखकर नवाब साहब असहज क्यों हो गए? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।
'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।
नवाब साहब द्वारा बार-बार खीरा खाने का आग्रह किया जा रहा था, इसे लेखक ने कैसे टाला?
