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क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।

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प्रश्न

क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

यदि किसी व्यक्ति की रुचि या लगाव अच्छे कार्यों की ओर हो, तो वह सकारात्मक रूप धारण कर लेता है। ऐसी प्रवृत्ति न केवल व्यक्ति के विकास में सहायक होती है, बल्कि समाज के लिए भी लाभकारी सिद्ध होती है। उदाहरण के लिए, किसी नेता का राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण या किसी विद्यार्थी का पढ़ाई के प्रति विशेष लगाव उसे सफलता की ओर अग्रसर करता है। इस प्रकार की सनक या जुनून हमेशा लाभ पहुँचाती है और किसी प्रकार की हानि नहीं करती।

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लखनवी अंदाज़
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अध्याय 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ ६५

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नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?


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‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक यशपाल ने यात्रा करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों खरीदा?


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