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प्रश्न
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?
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उत्तर
नबाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। ऐसी सनक बहुत लोगों में देखी जा सकती है, जो अपनी खानदानी रईसी को दिखाने की धुन रखते हैं। वे ऐसा ही दिखावे करते दिखाई देते है।
नवाबी लोग गरीबों की तरह खीरे पर नहीं टूटते बल्कि ऐसी छोटी चीजों को देखने और सूँघने मात्र से ही उनका पेट भर जाता है।
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आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?
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खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।
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