Advertisements
Advertisements
प्रश्न
खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए नवाब साहब ने क्या-क्या किया और उन्हें किस तरह सजाकर रखा? पठित पाठ के आधार पर लिखिए।
Advertisements
उत्तर
नवाब साहब ने खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए पहले उसे अच्छी तरह धोया फिर तौलिए से पोछा। अब उन्होंने चाकू निकालकर खीरों के सिरे काटे और गोदकर झाग निकाला। फिर उन्होंने खीरों को छीला और फाँकों में काटकर करीने से सजाया।
संबंधित प्रश्न
नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।
लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?
खीरे की फाँकें खिड़की से फेंकने के बाद नवाब साहब ने गुलाबी आँखों से लेखक की ओर क्यों देखा?
बिना खीरा खाए नवाब साहब को डकार लेते देखकर लेकर क्या सोचने पर विवश हो गया?
सेकंड क्लास के डिब्बे में लेखक के अचानक आ जाने से नवाब साहब के एकांत चिंतन में विघ्न पड़ गया? उनके चिंतन के बारे में लेखक ने क्या अनुमान लगाया?
लेखक और नवाब साहब की प्रथम मुलाकात का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
नवाब साहब के व्यवहार में अचानक कौन-सा बदलाव आया और क्यों?
‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
नवाब साहब की सनक नकारात्मक थी, किंतु हर सनक नकारात्मक नहीं होती। सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि किस सनक को सकारात्मक कहा जा सकता है?
इच्छा होते हुए भी लेखक और नवाब साहब दोनों के खीरा न खाने का कारण ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए।
‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।
लेखक को देखकर नवाब साहब असहज क्यों हो गए? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?
'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।
नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?
