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लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?

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प्रश्न

लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

लेखक को नवाब साहब के व्यवहार और हाव-भाव से यह आभास हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के इच्छुक नहीं हैं। नवाब साहब ने लेखक की बातों में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई और उनका रवैया उदासीन प्रतीत हुआ। वे कुछ असहज और अनमने से लग रहे थे तथा उनकी आँखों में उत्सुकता का अभाव था। उनके चेहरे के भाव और शारीरिक संकेत यह दर्शा रहे थे कि वे बातचीत को आगे बढ़ाने के बजाय उसे शीघ्र समाप्त करना चाहते थे। इन सभी बातों से लेखक को स्पष्ट हो गया कि नवाब साहब संवाद करने में रुचि नहीं रखते थे।

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लखनवी अंदाज़
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अध्याय 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ६४

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आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?


नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।


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‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?


'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।


नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?


नवाब साहब द्वारा बार-बार खीरा खाने का आग्रह किया जा रहा था, इसे लेखक ने कैसे टाला?


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