हिंदी

क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

सनक का निश्चित ही सकारात्मक रूप हो सकता है। सनक का अर्थ है धून का पक्का होना। लगन, मेहनत तथा ईमानदारी से किसी काम को पूरा करने की ललक ही सकारात्मक सनक का रूप है। देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले भी सनकी थे, देश में आने वाले परिवर्तनों को आने वाले परिवर्तनों को लाने वाले महामात्य भी सनकी थे। न्यूटन, महात्मा गांधी, बाबा आमटे, विनोबा भावे इन्हीं अर्थो में सनकी कहे जा सकते हैं। पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ माँझी की सनक पूर्णतया सकारात्मक थी।

shaalaa.com
लखनवी अंदाज़
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2021-2022 (March) Term 2 Sample

संबंधित प्रश्न

लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?


आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?


किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?


खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।


क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।


लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?


खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए नवाब साहब ने क्या-क्या किया और उन्हें किस तरह सजाकर रखा? पठित पाठ के आधार पर लिखिए।


नवाब साहब ने खीरे की फाँकों पर नमक-मिर्च छिड़का जिसे देखकर लेखक ललचाया पर उसने खीरे खाने का प्रस्ताव अस्वीकृत क्यों कर दिया?


नवाब साहब के व्यवहार में अचानक कौन-सा बदलाव आया और क्यों?


लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।


‘लेखक की तुलना में नवाब साहब अधिक शिष्ट और सभ्य थे।’ ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर सोदाहरण बताइए।


‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।


‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?


'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।


नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?


नवाब साहब द्वारा बार-बार खीरा खाने का आग्रह किया जा रहा था, इसे लेखक ने कैसे टाला?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×