हिंदी

'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

हमारी दृष्टि में, 'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' उनका यह व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है। स्वयं को श्रेष्ठ दिखाने के लिए उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उनका ऐसा करना संस्कृति का परिचायक है।

shaalaa.com
लखनवी अंदाज़
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2022-2023 (March) Delhi 2

संबंधित प्रश्न

लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?


नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?


आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?


किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?


खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।


लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?


नवाब साहब द्वारा लेखक से बातचीत की उत्सुकता न दिखाने पर लेखक ने क्या किया?


सेकंड क्लास के डिब्बे में लेखक के अचानक आ जाने से नवाब साहब के एकांत चिंतन में विघ्न पड़ गया? उनके चिंतन के बारे में लेखक ने क्या अनुमान लगाया?


लेखक और नवाब साहब की प्रथम मुलाकात का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


नवाब साहब के व्यवहार में अचानक कौन-सा बदलाव आया और क्यों?


लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?


लखनवी अंदाज़’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।


नवाब साहब की सनक नकारात्मक थी, किंतु हर सनक नकारात्मक नहीं होती। सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि किस सनक को सकारात्मक कहा जा सकता है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।


नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?


नवाब साहब द्वारा बार-बार खीरा खाने का आग्रह किया जा रहा था, इसे लेखक ने कैसे टाला?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×