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प्रश्न
‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।
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उत्तर
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में नवाब साहब की शान, दिखावा, रईसी का प्रदर्शन, नवाबी ठसक, नजाकत आदि सभी लखनऊ के नवाबों जैसी है। लखनऊ के नवाबों और रईसों के बारे में लेखक की धारणा व्यंग्यपूर्ण थी उसने आरंभ में ही डिब्बे में बैठे सज्जन को ‘नवाबी नस्ल’ का सफेदपोश’ कहा है। जब नवाब साहब खीरे की नमक-मिर्च लगी फॉकों को खाने के स्थान पर सूँघकर खिड़की के बाहर फैंकते गए डकारें ली, तब भी लेखक ने नवाव साहब की नजाकत देखकर समझ लिया कि वह अपनी नवाबी का प्रदर्शन कर रहे हैं। नवाब साहब सांमंती वर्ग के प्रतीक हैं, जो आज भी अपनी झूठी शान बनाए रखना चाहते हैं।
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