Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?
Advertisements
उत्तर
लेखक का यह विचार कि “बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी नहीं लिखी जा सकती”, न केवल तर्कसंगत है बल्कि कहानी की मूलभूत संरचना को समझने में सहायक भी है। मैं इस विचार से पूरी तरह सहमत हूँ। एक अच्छी कहानी वही होती है जिसमें कोई सार्थक विचार, एक घटना और उसे आगे बढ़ाने वाले पात्र हों।
विचार कहानी को गहराई देता है, घटना उसे दिशा देती है और पात्र उसमें जीवन भरते हैं। आधुनिक कहानियाँ भले ही प्रतीकात्मक और मनोवैज्ञानिक होती जा रही हों, लेकिन इनमें भी इन तीनों तत्वों का कोई न कोई रूप अवश्य उपस्थित होता है।
इसलिए कहा जा सकता है कि विचार, घटना और पात्रों के बिना कहानी की कल्पना ही अधूरी है। लेखक का दृष्टिकोण पूर्णतः उचित और व्यावहारिक है।
संबंधित प्रश्न
आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?
नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।
किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?
खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।
क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।
‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक यशपाल ने यात्रा करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों खरीदा?
लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?
खीरे की फाँकें खिड़की से फेंकने के बाद नवाब साहब ने गुलाबी आँखों से लेखक की ओर क्यों देखा?
नवाब साहब ने खीरे की फाँकों पर नमक-मिर्च छिड़का जिसे देखकर लेखक ललचाया पर उसने खीरे खाने का प्रस्ताव अस्वीकृत क्यों कर दिया?
लेखक और नवाब साहब की प्रथम मुलाकात का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
लखनवी अंदाज़’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
‘लेखक की तुलना में नवाब साहब अधिक शिष्ट और सभ्य थे।’ ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर सोदाहरण बताइए।
‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।
‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?
