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बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

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Question

बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

Very Long Answer
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Solution

लेखक का यह विचार कि “बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी नहीं लिखी जा सकती”, न केवल तर्कसंगत है बल्कि कहानी की मूलभूत संरचना को समझने में सहायक भी है। मैं इस विचार से पूरी तरह सहमत हूँ। एक अच्छी कहानी वही होती है जिसमें कोई सार्थक विचार, एक घटना और उसे आगे बढ़ाने वाले पात्र हों।

विचार कहानी को गहराई देता है, घटना उसे दिशा देती है और पात्र उसमें जीवन भरते हैं। आधुनिक कहानियाँ भले ही प्रतीकात्मक और मनोवैज्ञानिक होती जा रही हों, लेकिन इनमें भी इन तीनों तत्वों का कोई न कोई रूप अवश्य उपस्थित होता है।

इसलिए कहा जा सकता है कि विचार, घटना और पात्रों के बिना कहानी की कल्पना ही अधूरी है। लेखक का दृष्टिकोण पूर्णतः उचित और व्यावहारिक है।

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लखनवी अंदाज़
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Chapter 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [Page 64]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
Chapter 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 64

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