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प्रश्न
लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?
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उत्तर
लेखक ने देखा कि नवाब साहब खीरे की नमक-मिर्च लगी फाँकों को खाने के स्थान पर सँघकर खिड़की के बाहर फेंकते गए। बाद में उन्होंने डकार लेकर अपनी तृप्ति और संतुष्टि दर्शाने का प्रयास किया। यही देखकर लेखक के ज्ञान-चक्षु खुल गए कि इसी तरह बिना घटनाक्रम, पात्र और विचारों के कहानी भी लिखी जा सकती है।
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गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।
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