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नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।

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प्रश्न

नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

नवाब साहब बड़े मनोयोग और नफ़ासत के साथ खीरा खाने की तैयारी करते हैं। वे सबसे पहले खीरों को पानी से अच्छी तरह साफ करते हैं। इसके बाद उन्हें ध्यानपूर्वक काटकर उनका कड़वापन दूर करते हैं। फिर खीरों का छिलका उतारकर उन पर नमक, मिर्च और जीरा बुरकते हैं। किंतु उन्हें खाने के बजाय वे प्रत्येक फाँक को केवल सूँघते हैं और अंत में खिड़की के बाहर फेंक देते हैं।

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लखनवी अंदाज़
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. (क) | पृष्ठ ६५

संबंधित प्रश्‍न

लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?


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‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।


लखनवी अंदाज़’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


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‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।


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इच्छा होते हुए भी लेखक और नवाब साहब दोनों के खीरा न खाने का कारण ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए।


'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।


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