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Question
नवाब साहब की सनक नकारात्मक थी, किंतु हर सनक नकारात्मक नहीं होती। सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि किस सनक को सकारात्मक कहा जा सकता है?
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Solution
- सकारात्मक सनक का अर्थ है- किसी कार्य की धुन का पक्का होना और लगन, मेहनत तथा ईमानदारी से उसे पूरा करने के लिए पूरी तरह जुटकर प्रयास करना। जैसे- वैज्ञानिक, महापुरुष, आज़ादी के मतवाले क्रांतिकारी, सामाजिक बुराइयों को समूल नष्ट करने की ठानने वाले समाज सुधारक।
- पहाड़ काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ माँझी जैसे सकारात्मक सनक वाले व्यक्तियों के उदाहरण...
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इच्छा होते हुए भी लेखक और नवाब साहब दोनों के खीरा न खाने का कारण ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए।
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‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?
'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।
