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Question
‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।
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Solution
‘लखनवी अंदाज़’ पाठ का शीर्षक अत्यंत सार्थक है क्योंकि यह शीर्षक कहानी की विषयवस्तु के अनुरूप है इसके द्वारा लखनवी रईसों की खानदानी तहज़ीब, नफ़ासत और नज़ाकत को व्यंगात्मक कटाक्ष की रूप में प्रस्तुत किया गया है। सामंती वर्ग अब नहीं रहा परंतु उनमें से कुछ लोग आज भी झूठी शान, दिखावे, सनक आदि के माहौल को अपने जीवन में जारी रखना चाहते हैं। जिस तरह नवाब साहब ने खीरे की फाँक सूँघकर खिड़की के बाहर फेंका, वह झूठी नवाबी शान का ही उदारहण है। इस प्रकार कथानक शीर्षक से पूरी तरह मेल खाता है।
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‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
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नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।
‘लेखक की तुलना में नवाब साहब अधिक शिष्ट और सभ्य थे।’ ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर सोदाहरण बताइए।
इच्छा होते हुए भी लेखक और नवाब साहब दोनों के खीरा न खाने का कारण ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए।
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।
