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‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।

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Question

‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।

Answer in Brief
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Solution

‘लखनवी अंदाज़’ पाठ का शीर्षक अत्यंत सार्थक है क्योंकि यह शीर्षक कहानी की विषयवस्तु के अनुरूप है इसके द्वारा लखनवी रईसों की खानदानी तहज़ीब, नफ़ासत और नज़ाकत को व्यंगात्मक कटाक्ष की रूप में प्रस्तुत किया गया है। सामंती वर्ग अब नहीं रहा परंतु उनमें से कुछ लोग आज भी झूठी शान, दिखावे, सनक आदि के माहौल को अपने जीवन में जारी रखना चाहते हैं। जिस तरह नवाब साहब ने खीरे की फाँक सूँघकर खिड़की के बाहर फेंका, वह झूठी नवाबी शान का ही उदारहण है। इस प्रकार कथानक शीर्षक से पूरी तरह मेल खाता है।

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लखनवी अंदाज़
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2021-2022 (March) Term 2 Sample

RELATED QUESTIONS

नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?


बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?


क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।


लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?


खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए नवाब साहब ने क्या-क्या किया और उन्हें किस तरह सजाकर रखा? पठित पाठ के आधार पर लिखिए।


नवाब साहब द्वारा लेखक से बातचीत की उत्सुकता न दिखाने पर लेखक ने क्या किया?


बिना खीरा खाए नवाब साहब को डकार लेते देखकर लेकर क्या सोचने पर विवश हो गया?


सेकंड क्लास के डिब्बे की उन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए जिनके कारण लेखक और नवाब साहब दोनों ने उसे यात्रा के लिए चुना।


नवाब साहब के व्यवहार में अचानक कौन-सा बदलाव आया और क्यों?


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।


क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।


नवाब साहब की सनक नकारात्मक थी, किंतु हर सनक नकारात्मक नहीं होती। सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि किस सनक को सकारात्मक कहा जा सकता है?


नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।


‘लेखक की तुलना में नवाब साहब अधिक शिष्ट और सभ्य थे।’ ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर सोदाहरण बताइए।


‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।


‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?


'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।


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