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किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?

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Question

किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?

Long Answer
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Solution

  1. हलवे का आनंद लेने के लिए हम उसे सलीके से एक प्लेट में परोसते हैं और काजू तथा किशमिश से सजाकर आकर्षक बनाते हैं। इसके बाद उसे खाने के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
  2. आम के अचार का स्वाद चखने के लिए हम उसे सावधानीपूर्वक निकालते हैं और ध्यान से देखते हैं। फिर उसे धीरे-धीरे मुँह तक ले जाकर उसके खट्टे और चटपटे स्वाद का आनंद लेते हुए खाते हैं।
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लखनवी अंदाज़
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Chapter 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [Page 65]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
Chapter 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. (ख) | Page 65

RELATED QUESTIONS

नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?


बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?


आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?


नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।


क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए।


लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब ने कैसा व्यवहार किया?


नवाब साहब ने खीरे की फाँकों पर नमक-मिर्च छिड़का जिसे देखकर लेखक ललचाया पर उसने खीरे खाने का प्रस्ताव अस्वीकृत क्यों कर दिया?


बिना खीरा खाए नवाब साहब को डकार लेते देखकर लेकर क्या सोचने पर विवश हो गया?


सेकंड क्लास के डिब्बे में लेखक के अचानक आ जाने से नवाब साहब के एकांत चिंतन में विघ्न पड़ गया? उनके चिंतन के बारे में लेखक ने क्या अनुमान लगाया?


लेखक और नवाब साहब की प्रथम मुलाकात का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?


क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।


इच्छा होते हुए भी लेखक और नवाब साहब दोनों के खीरा न खाने का कारण ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए।


लेखक को देखकर नवाब साहब असहज क्यों हो गए? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।


‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?


नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?


नवाब साहब द्वारा बार-बार खीरा खाने का आग्रह किया जा रहा था, इसे लेखक ने कैसे टाला?


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