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Question
नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?
Options
खूब तैयारी से साफ़ किया, काटा, नमक-मिर्च बुरक दिया और खा लिया।
साबुत खीरा ही धोकर खा लिया।
खीरों को धोया, छीलकर काटा, जीरा मिला नमक-मिर्च छिड़का, होठों तक ले गए, सूँघकर फेंक दिया।
खीरों को धोया, छीला, कड़वाहट निकाली, चखा, कड़वा होने के कारण फेंक दिया।
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Solution
खीरों को धोया, छीलकर काटा, जीरा मिला नमक-मिर्च छिड़का, होठों तक ले गए, सूँघकर फेंक दिया।
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लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?
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आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?
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गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।
