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फ़ादर बुल्के की मृत्यु से लेखक आहत क्यों था? - Hindi Course - A

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Questions

फ़ादर बुल्के की मृत्यु से लेखक आहत क्यों था?

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए:

फादर बुल्के की मृत्यु से लेखक आहत क्यों था ?

Short Answer
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Solution

फ़ादर बुल्के लोगों से सद्व्यवहार करते हुए हमेशा प्यार बाँटते रहे। उन्हें किसी पर क्रोध करते हुए लेखक ने नहीं देखा था। उनके मन में दूसरों के लिए सदैव सहानुभूति एवं करुणा भरी रहती थी। ऐसे व्यक्ति की मृत्यु ज़हरबाद नामक कष्टदायी फोड़े से हुई। फ़ादर जैसे उदार महापुरुष की ऐसी मृत्यु के बारे में जानकर लेखक आहत हो गया।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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2019-2020 (March) Outside Delhi set 1

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आशय स्पष्ट कीजिए -

नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।


आशय स्पष्ट कीजिए -

फ़ादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।


फ़ादर बुल्के ने भारत में बसने के लिए क्या आवश्यक समझा? उन्हें किस तरह हासिल किया?
अथवा
भारत आने पर फ़ादर द्वारा शिक्षा-दीक्षा प्राप्ति के सोपानों का क्रमिक वर्णन कीजिए।


‘संन्यासी होने के बाद भी फ़ादर का अपनी माँ से स्नेह एवं प्रेम कम न हुआ’–स्पष्ट कीजिए।


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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


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