Advertisements
Advertisements
प्रश्न
“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी नामक कथन से अभिप्राय यह है कि लेखक ने पैतीस सालों तक उनके स्नेह को महसूस किया था, उनका व्यवहार सभी के प्रति करुणा के निर्मल जल में स्नान करने जैसा था। वे सबके पारिवारिक उत्सवों और संस्कारों में पुरोहितों की भाँति उपस्थित रहते थे। लेखक के पुत्र के मुख में पहली बार अन्न उन्हीं ने डाला था। उनका वात्सल्य देवदारु जैसा था। फ़ादर बुल्के हर दुःख में साथ खड़े होते थे। उनके मुख से निकले सांत्वना के शब्द मन में गहरी शांति प्रदान करते थे। लेखक को अपनी पत्नी और मृत्यु के समय उनका आपनत्व आज भी याद हैं। उनके जाने के बाद भी लेखक आज उनके प्रेम की सुखद अनुभूति को महसूस करता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
इस पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के की जो छवि उभरती है उसे अपने शब्दों में लिखिए।
आशय स्पष्ट कीजिए -
फ़ादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।
'बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।'- इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं? आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं?
लेखक ने फ़ादर का शब्द चित्र किस तरह खींचा है?
फ़ादर की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनका स्वभाव भी किसी सीमा तक उन्हें संन्यासी बनाने में सहायक सिद्ध हुई’–स्पष्ट कीजिए।
संन्यासी बनने से पूर्व फ़ादर ने धर्म गुरु के सामने क्या शर्त रखी और क्यों?
‘संन्यासी होने के बाद भी फ़ादर का अपनी माँ से स्नेह एवं प्रेम कम न हुआ’–स्पष्ट कीजिए।
फ़ादर बुल्के ने हिंदी के उत्थान के लिए क्या-क्या प्रयास किए?
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
'फ़ादर कामिल बुल्के संकल्प से संन्यासी थे, मन से नहीं।' लेखक के इस कथन के आधार पर सिद्ध कीजिए कि फ़ादर का जीवन परंपरागत संन्यासियों से किस प्रकार अलग था ?
फ़ादर की उपस्थिति लेखक को देवदार की छाया के समान क्यों लगती थी? पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए?
‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए, जिनसे आप प्रभावित हैं। इस प्रभाव के उपयुक्त कारण भी स्पष्ट कीजिए।
