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प्रश्न
“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी नामक कथन से अभिप्राय यह है कि लेखक ने पैतीस सालों तक उनके स्नेह को महसूस किया था, उनका व्यवहार सभी के प्रति करुणा के निर्मल जल में स्नान करने जैसा था। वे सबके पारिवारिक उत्सवों और संस्कारों में पुरोहितों की भाँति उपस्थित रहते थे। लेखक के पुत्र के मुख में पहली बार अन्न उन्हीं ने डाला था। उनका वात्सल्य देवदारु जैसा था। फ़ादर बुल्के हर दुःख में साथ खड़े होते थे। उनके मुख से निकले सांत्वना के शब्द मन में गहरी शांति प्रदान करते थे। लेखक को अपनी पत्नी और मृत्यु के समय उनका आपनत्व आज भी याद हैं। उनके जाने के बाद भी लेखक आज उनके प्रेम की सुखद अनुभूति को महसूस करता है।
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