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फ़ादर की उपस्थिति लेखक को देवदार की छाया के समान क्यों लगती थी? पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।

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प्रश्न

फ़ादर की उपस्थिति लेखक को देवदार की छाया के समान क्यों लगती थी? पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

फ़ादर बुल्के समान रूप से सभी पर अपना प्रेम लुटाते थे। उनकी शरण में जो भी कोई आता था, उसे शांति और सुकून मिलता था। देवदार का वृक्ष विशाल एवं छायादार होता है, फ़ादर बुल्के का व्यक्तित्व भी देवदार वृक्ष की तरह विशाल था। जिस प्रकार देवदार वृक्ष की छाया में अनेक छोटे-बड़े पौधों का विकास होता है उसी प्रकार फ़ादर बुल्के का हृदय ममता, करुणा एवं अपनेपन से भरा था। उनकी नीली आँखे वात्सल्य से परिपूर्ण थीं। वे सभी के पारिवाहिक उत्सवों और अनुष्ठानों में शामिल होते तो लगता था घर का कोई बड़ा शामिल हुआ है। इन्हीं कारणों से लेखक ने दार्शनिक अंदाज में फ़ादर की उपस्थिति को देवदार की छाया माना है।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Term 2 Sample

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