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'फ़ादर कामिल बुल्के संकल्प से संन्यासी थे, मन से नहीं।' लेखक के इस कथन के आधार पर सिद्ध कीजिए कि फ़ादर का जीवन परंपरागत संन्यासियों से किस प्रकार अलग था ? - Hindi Course - A

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प्रश्न

'फ़ादर कामिल बुल्के संकल्प से संन्यासी थे, मन से नहीं।' लेखक के इस कथन के आधार पर सिद्ध कीजिए कि फ़ादर का जीवन परंपरागत संन्यासियों से किस प्रकार अलग था ?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

फ़ादर कामिल बुल्के संकल्प से संन्यासी थे, मन से नहीं। परंपरागत संन्यासी जिस तरह ईश्वर की भक्ति भजन-कीर्तन, ज्ञानोपदेश देने में लगे रहते हैं, वे उन अर्थों में संन्यासी नहीं थे। समाज से पलायन कर जाने की उनकी प्रवत्ति नहीं थी, बल्कि कॉलेज में अध्ययन-अध्यापन, प्रियजनों के घर आना-जाना, संकट के समय उन्हें धैर्य बँधना उनके स्वभाव में था। उनके मन में प्रियजनों के प्रति मोह व अपनत्व की भावना थी।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Term 2 Sample

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इस पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के की जो छवि उभरती है उसे अपने शब्दों में लिखिए।


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आशय स्पष्ट कीजिए -

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“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?


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