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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के का अपने शब्दों में रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।

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प्रश्न

‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के का अपने शब्दों में रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के का रेखाचित्र आपनत्व एवं ममता की रेखाओं के चित्रित तथा उनके पोर-पोर से अर्थात्‌-शरीर के प्रत्येक अंग से ममता झलकती थी। उनकी नीली आँखें हमेशा प्यार भरा आमंत्रण देती थी।देवदारु की छाया घनी होती है, जिससे थके हुए पथिक को आराम मिलता है। इसलिए लेखक को फ़ादर की उपस्थिति देवदारू की छाया जैसी लगती थी।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Delhi Set 2

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अथवा
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“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए, जिनसे आप प्रभावित हैं। इस प्रभाव के उपयुक्त कारण भी स्पष्ट कीजिए।


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