English

एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लंबाई 8 सेमी है और व्यास 2 सेमी है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 सेमी है। इसमें भरे जा सकने वाली

Advertisements
Advertisements

Question

एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लंबाई 8 सेमी है और व्यास 2 सेमी है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 सेमी है। इसमें भरे जा सकने वाली पानी की मात्रा माप कर, एक बच्चे ने यह ज्ञात किया कि इस बर्तन का आयतन 345 घन सेमी3 है। जाँच कीजिए कि उस बच्चे का उत्तर सही है या नहीं, यह मानते हुए कि उपरोक्त मापन आंतरिक मापन है। π = 3.14

Sum
Advertisements

Solution

बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = 8 cm

बेलनाकार भाग की त्रिज्या (r2) =` 2/2` = 1 सेमी

त्रिज्या (r1) गोलाकार भाग = `8.5/2` = 4.25 cm

बर्तन का आयतन = गोले का आयतन + बेलन का आयतन

= `4/3pir_1^3+pir_2^2h`

= `4/3pi(8.5/2)^3 +pi(1)^2(8)`

= `4/3xx3.14xx76.765625 + 8 xx 3.14`

= 321.392 + 25.12

= 3346.512

= 346.51 सेमी3

इसलिए, वह गलत है।

shaalaa.com
ठोसों के संयोजन का आयतन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.2 [Page 188]

APPEARS IN

NCERT Ganit [Hindi] Class 10
Chapter 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.2 | Q 8. | Page 188

RELATED QUESTIONS

भुजा 7 सेमी वाले एक घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्धगोला रखा हुआ है। अर्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है? इस प्रकार बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = `22/7`]


एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। इसकी ऊँचाई 8 सेमी है और इसके ऊपरी सिरे (जो खुला हुआ है) की त्रिज्या 5 सेमी है। यह ऊपर तक पानी से भरा हुआ है। जब इस बर्तन में सीसे की कुछ गोलियाँ जिनमें प्रत्येक 0.5 सेमी त्रिज्या वाला एक गोला है, डाली जाती है, तो इसमें से भरे हुए पानी का एक चौथाई भाग बाहर निकल जाता है। बर्तन में डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या ज्ञात कीजिए।


ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का एक स्तंभ बना है। इस स्तंभ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, जबकि दिया है 1 घन cm3 लोहे का द्रव्यमान लगभग 8 g होता है। [उपयोग π = 3.14]


एक 22 cm आंतरिक किनारे वाले खोखले घन को 0.5 cm व्यास वाले गोलाकार कंचों से भरा जाता है तथा यह कल्पना की जाती है कि घन का `1/8` स्थान भरा नहीं जा सकता है। तब घन में समावेशित होने वाले कंचों की संख्या ______ है।


कोई मिस्री ईंटों से विमाओं 270 cm × 300 cm × 350 cm की एक दीवार बनाता है, जिनमें से प्रत्येक ईंट की माप 22.5 cm × 11.25 cm × 8.75 cm है। यदि यह मान लिया जाए कि दीवार का `1/8` भाग मसाले से भरा जाता है, तो दीवार को बनाने में लगी ईटों की संख्या ______ है।


विमाओं 9 cm × 11 cm × 12 cm वाले एक सीसे के घनाभाकार ठोस से 3 cm व्यास वाली कितनी गोलियाँ बनायी जा सकती हैं?


दो ठोस शंकुओं को एक बेलनाकार नली में आकृति में दर्शाए अनुसार रखा जाता है। इनकी धारिताओं का अनुपात 2:1 है। इन शंकुओं की ऊँचाइयाँ और धारिताएँ ज्ञात कीजिए। बेलन के शेष भाग का आयतन भी ज्ञात कीजिए।


विमाओं 66 cm, 42 cm और 21 cm वाले एक ठोस घनाभाकार सीसे के टुकड़े में से 4.2 cm वाली कितनी सीसे की गोलियाँ प्राप्त की जा सकती हैं?


24 m लंबी, 0.4 m मोटी और 6 m ऊँची एक दीवार का ईंटों से निर्माण कराया जाता है, जिनमें से प्रत्येक ईंट की विमाएँ 25 cm × 16 cm × 10 cm हैं। यदि दीवार के आयतन का `1/10` भाग मसाले से भरा जाता है, तो दीवार के निर्माण में लगने वाली ईंटों की संख्या ज्ञात कीजिए।


आधार व्यास 1.5 cm और ऊँचाई 0.2 cm वाली धातु की वृत्ताकार चकतियों की संख्या ज्ञात कीजिए जिनको पिघलाकर 10 cm ऊँचाई और 4.5 cm व्यास का एक ठोस लंब वृत्तीय बेलन बनाया जा सके। 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×