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Question
'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन मास के सौंदर्य को किस प्रकार चित्रित किया है?
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Solution
फाल्गुन मास के आगमन के साथ ही प्रकृति अपने चरमोत्कर्ष पर है। धरती की चारों ओर हरियाली फैली हुई है। सरसों के पीले फूलों ने भूमि को एक सुंदर चादर से आभूषित किया है। वृक्षों और पौधों पर भँवरों की एक विशाल टोली उड़ रही है, जैसे कि वे नवरंग के संग खिलखिला रहे हैं। यह दृश्य देखकर मन को आनंदीत करता है और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाने को प्रेरित करता है।
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