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Question
छायावाद की एक खास विशेषता है अंतर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है? लिखिए।
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Solution
छायावादी काव्य में कवि अपने हृदय की अनुभूतियों को प्रकृति के साथ जोड़कर बाहरी जगत से एक गहरा संबंध स्थापित करता है। उदाहरणस्वरूप, यदि कविता में ऐसी पंक्तियाँ हों जहाँ कवि कहता है कि “मन के अंतरतम में छिपी भावनाएँ भी फागुन की हँसमुख बयार से जागृत हो उठती हैं,” या “पुष्पों की मुस्कान देखकर मेरा हृदय भी प्रसन्नता से खिल गया,” तो ये पंक्तियाँ अंतर्मन और प्रकृति के भावात्मक सामंजस्य को व्यक्त करती हैं।
अर्थात्, वे पंक्तियाँ जिनमें कवि अपनी भावनाओं को प्रकृति की मनोहरता के साथ जोड़कर प्रस्तुत करता है, छायावाद की इस प्रमुख विशेषता को स्पष्ट रूप से सिद्ध करती हैं।
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