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‘अट नहीं रही है’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi Course - A

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Question

‘अट नहीं रही है’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।

Short/Brief Note
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Solution

‘अट नहीं रही है’ कविता में फागुन महीने के सौंदर्य का वर्णन है। इस महीने में प्राकृतिक सौंदर्य कहीं भी नहीं समा रहा है और धरती पर बाहर बिखर गया है। इस महीने सुगंधित हवाएँ वातावरण को महका रही हैं। पेड़ों पर आए लाल-हरे पत्ते और फूलों से यह सौंदर्य और भी बढ़ गया है। इससे मन में उमंगें उड़ान भरने लगी हैं।

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अट नहीं रही है
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