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'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए - “उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”

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Question

'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -

“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”

Answer in Brief
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Solution

जीवन की लम्बी राह अर्थात्‌ मार्ग पर चलते-चलते, कवि थककर चूर हो गया है। केवल स्मृति ही उसका सहारा हैं। उसकी स्मृति ही उस थकान को थोड़ा-बहुत कम कर देती हैं। यह मीठी यादें ही उसको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

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आत्मकथ्य
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2022-2023 (March) Delhi 1

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कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है?


आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में ‘अभी समय भी नहीं’ कवि ऐसा क्यों कहता है?


स्मृति को ‘पाथेय’ बनाने से कवि का क्या आशय है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।


‘आत्मकथ्य’ कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।


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कवि को अपनी गागर रीती क्यों लगती है?


कवि किसकी हँसी नहीं उड़ाना चाहता है और क्यों?


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‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से ‘प्रसाद’ जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'कथा के सीवन को उधेड़ने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि के लिए आत्मकथा लिखना सीवन उधेड़ने जैसा क्यों है?


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