English

कवि को अपनी गागर रीती क्यों लगती है?

Advertisements
Advertisements

Question

कवि को अपनी गागर रीती क्यों लगती है?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

कवि को अपनी गागर अर्थात् जीवन इसलिए रीती (सूना) या खाली सा लगता है क्योंकि उसे लगता है कि उसे जीवन में कोई विशेष उपलब्धि हासिल न हो सकी। उसकी पत्नी की असामयिक मृत्यु हो जाने से उसने जिस सुख की कल्पना की थी, वह उसके पास आकर भी मात्र स्वप्न बनकर रह गया।

shaalaa.com
आत्मकथ्य
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में ‘अभी समय भी नहीं’ कवि ऐसा क्यों कहता है?


‘उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की’ - कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


‘आत्मकथ्य’ कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।


आप किन व्यक्तियों की आत्मकथा पढ़ना चाहेंगे और क्यों?


कोई भी अपनी आत्मकथा लिख सकता है। उसके लिए विशिष्ट या बड़ा होना जरूरी नहीं। हरियाणा राज्य के गुड़गाँव में घरेलू सहायिका के रुप में काम करने वाली बेबी हालदार की आत्मकथा बहुतों के द्वारा सराही गई। आत्मकथात्मक शैली में अपने बारे में कुछ लिखिए।


‘मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ’ किसका प्रतीक हैं? ये किसका बोध करा रही हैं?


कवि के मित्र उससे क्या आग्रह कर रहे थे? वह इस आग्रह को पूरा क्यों नहीं करना चाहता था?


‘तुम ही खाली करने वाले’ के माध्यम से कवि किनसे, क्या कहना चाहता है?


कवि किसकी हँसी नहीं उड़ाना चाहता है और क्यों?


कवि ने अपने जीवन की उज्ज्वल गाथा किसे कहा है?


‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से ‘प्रसाद’ जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।


आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'आत्मकथ्य' में कवि आत्मकथा न लिखने के लिए जिन तर्कों का सहारा ले रहा है उनमें से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

इस वर्ष पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता है जिसमें आत्मकथा लेखन के विषय में कवि ने अपनी राय व्यक्त की है? आत्मकथा के विषय में कवि के विचारों में से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×