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Question
‘आत्मकथ्य’ कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
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Solution
‘जयशंकर प्रसाद’ द्वारा रचित कविता ‘आत्मकथ्य’ की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- प्रस्तुत कविता में कवि ने खड़ी बोली हिंदी भाषा का प्रयोग किया है-
“यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मलिन उपहास।” - अपने मनोभावों को व्यक्त कर उसमें सजीवता लाने के लिए कवि ने कविता में बिम्बों का प्रयोग किया है; जैसे-
“जिसके अरुण-कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।” - प्रस्तुत कविता में कवि ने ललित, सुंदर एवं नवीन शब्दों का प्रयोग किया है-
“यह विडंबना! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊ में।
भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाउँ मैं।”
यहाँ-विडंबना, प्रवंचना जैसे नवीन शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे काव्य में सुंदरता आई है। - अलंकारों के प्रयोग से काव्य सौंदर्य बढ़ गया है-
- खिल-खिलाकर, आते-आते में पुनरुक्ति अलंकार का प्रयोग किया गया है।
- अरुण-कपोलों में रुपक अलंकार है।
- मेरी मौन, अनुरागी उषा में अनुप्रास अलंकार है।
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