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प्रश्न
'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -
“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”
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उत्तर
जीवन की लम्बी राह अर्थात् मार्ग पर चलते-चलते, कवि थककर चूर हो गया है। केवल स्मृति ही उसका सहारा हैं। उसकी स्मृति ही उस थकान को थोड़ा-बहुत कम कर देती हैं। यह मीठी यादें ही उसको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
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