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‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से ‘प्रसाद’ जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से ‘प्रसाद’ जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से कवि प्रसाद ने अपनी भूलों को स्वीकारने, अपने जीवन की असफलताओं का वर्णन और सरलता के कारण धोखा खाने की स्वीकारोक्ति करने के अलावा वर्तमान के यथार्थ स्वीकार कर साहसपूर्ण कार्य किया है। कवि द्वारा यह कहना-छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ उसकी ईमानदारी का प्रमाण है।

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आत्मकथ्य
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भाव स्पष्ट कीजिए -

जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।


‘आत्मकथ्य’ कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।


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