Advertisements
Advertisements
प्रश्न
आप किन व्यक्तियों की आत्मकथा पढ़ना चाहेंगे और क्यों?
Advertisements
उत्तर
नीचे कुछ महान व्यक्तियों की आत्मकथा का उल्लेख किया गया है। हमें उनकी आत्मकथा पढ़कर उनसे शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए-
- महात्मा गाँधी की आत्मकथा - हमें महात्मा गाँधी की आत्मकथा पढ़नी चाहिए। इससे हमें सत्य तथा अहिंसा के महत्व की जानकारी मिलती है।
- भगत सिंह की आत्मकथा - देशभक्त भगतसिंह की आत्मकथा को पढ़ने से हमें देश भक्ति की प्रेरणा मिलती है।
- महावीर प्रसाद द्विवेदी की आत्मकथा - प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर प्रसाद द्विवेदी जी का जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा है। एक महान साहित्यकार के रुप से हमें उनकी आत्मकथा पढ़नी चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है?
स्मृति को ‘पाथेय’ बनाने से कवि का क्या आशय है?
भाव स्पष्ट कीजिए -
मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।
आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।
भाव स्पष्ट कीजिए -
जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।
‘उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की’ - कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है?
कोई भी अपनी आत्मकथा लिख सकता है। उसके लिए विशिष्ट या बड़ा होना जरूरी नहीं। हरियाणा राज्य के गुड़गाँव में घरेलू सहायिका के रुप में काम करने वाली बेबी हालदार की आत्मकथा बहुतों के द्वारा सराही गई। आत्मकथात्मक शैली में अपने बारे में कुछ लिखिए।
‘मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ’ किसका प्रतीक हैं? ये किसका बोध करा रही हैं?
कवि के मित्र उससे क्या आग्रह कर रहे थे? वह इस आग्रह को पूरा क्यों नहीं करना चाहता था?
कवि को अपनी गागर रीती क्यों लगती है?
कवि किसकी हँसी नहीं उड़ाना चाहता है और क्यों?
कवि ने अपने जीवन की उज्ज्वल गाथा किसे कहा है?
कवि के लिए सुख दिवास्वप्न बनकर रह गए, स्पष्ट कीजिए।
‘अनुरागिनी उषा लेती थी, जिन सुहाग मधुमाया, में’ के आलोक में कवि ने अपनी पत्नी के विषय में क्या कहना चाहता है?
कवि ने अपनी तुलना किससे की है? उसके जीवन का पाथेय क्या है?
‘आत्मकथ्य’ कविता के माध्यम से ‘प्रसाद’ जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।
आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
'कथा के सीवन को उधेड़ने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि के लिए आत्मकथा लिखना सीवन उधेड़ने जैसा क्यों है?
