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स्मृति को ‘पाथेय’ बनाने से कवि का क्या आशय है?

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प्रश्न

स्मृति को ‘पाथेय’ बनाने से कवि का क्या आशय है?

लघु उत्तरीय
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उत्तर

कवि की प्रेयसी उससे दूर हो गई है। कवि के मन-मस्तिष्क पर केवल उसकी स्मृति ही है। इन्हीं स्मृतियों को कवि अपने जीने का संबल अर्थात् सहारा बनाना चाहता है। अत: स्मृति को पाथेय बनाने से कवि का आशय स्मृति के सहारे से है।

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आत्मकथ्य
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अध्याय 4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २०]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 4 जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ २०

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