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'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन मास के सौंदर्य को किस प्रकार चित्रित किया है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन मास के सौंदर्य को किस प्रकार चित्रित किया है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

फाल्गुन मास के आगमन के साथ ही प्रकृति अपने चरमोत्कर्ष पर है। धरती की चारों ओर हरियाली फैली हुई है। सरसों के पीले फूलों ने भूमि को एक सुंदर चादर से आभूषित किया है। वृक्षों और पौधों पर भँवरों की एक विशाल टोली उड़ रही है, जैसे कि वे नवरंग के संग खिलखिला रहे हैं। यह दृश्य देखकर मन को आनंदीत करता है और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाने को प्रेरित करता है।

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अट नहीं रही है
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2022-2023 (March) Delhi 1

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