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‘कहीं साँस लेते हो’ ऐसा कवि ने किसके लिए कहा है और क्यों?अथवाकवि ने फागुन का मानवीकरण कैसे किया है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

‘कहीं साँस लेते हो’ ऐसा कवि ने किसके लिए कहा है और क्यों?
अथवा
कवि ने फागुन का मानवीकरण कैसे किया है?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

फागुन महीने में तेज हवाएँ चलती हैं जिनसे पत्तियों की सरसराहट के बीच साँय-साँय की आवाज़ आती है। इसे सुनकर ऐसा लगता है, मानो फागुन साँस ले रहा है। कवि इन हवाओं में फागुन के साँस लेने की कल्पना कर रहा है। इस तरह कवि ने फागुन का मानवीकरण किया है।

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अट नहीं रही है
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