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कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?

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प्रश्न

कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?

लघु उत्तरीय
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उत्तर

फागुन का मौसम तथा दृश्य अत्यंत मनमोहक होते हैं। चारों तरफ का दृश्य अत्यंत स्वच्छ तथा हरा-भरा दिखाई दे रहा है। पेड़ों पर कहीं हरी तो कहीं लाल पत्तियाँ हैं, फूलों की मंद-मंद खुशबू हृदय को मुग्ध कर लेती है। इसीलिए कवि की आँखें फागुन की सुंदरता से हट नहीं रही हैं।

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अट नहीं रही है
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अध्याय 5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ २६]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 5 सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ २६

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