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“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात” 'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........
छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”

'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

कवि का मानना है कि बच्चे की प्रिय मुस्कान वह मृतक व्यक्ति की आत्मा में जीवंतता भर सकती है। उनके कोमल शरीर पर छिपी हुई धूल की वजह से ऐसा लगता है, मानो कीचड़ में कमल का फूल खिल रहा हो। कवि शिशु से संवाद करते हुए कहते हैं कि वे शिशु ऐसे कमल के समान हैं, जो तालाब को छोड़कर उनकी झोपड़ी में खिल रहे हैं।

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यह दंतुरित मुसकान
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2022-2023 (March) Delhi 1

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