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‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने नारी को गरिमामय स्थान प्रदान किया है? इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने नारी को गरिमामय स्थान प्रदान किया है? इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

‘दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने शिशु की माँ को महत्ता देकर संपूर्ण नारी जाति को गरिमामय स्थान प्रदान किया है। मैं इससे पूर्णतया सहमत हूँ। इसका कारण यह है कि कवि यह स्वीकार करता है कि शिशु की माँ न होती तो वह शिशु से परिचित न हो पाता। इस प्रकार का यथार्थ पाठकों के सामने रखकर उसने नारी जाति की गरिमा बढ़ाई है।

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यह दंतुरित मुसकान
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अध्याय 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

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