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प्रश्न
शिशु के धूल लगे शरीर को देखकर कवि को कैसा लगा?
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उत्तर
शिशु को धूल-धूसरित शरीर कवि को मुग्ध कर गया। शिशु के ऐसे शरीर को देखकर कवि को लगा कि जैसे तालाब छोड़कर कमल उसकी झोंपड़ी में खिल गया हो और अपना रूप-सौंदर्य बिखेर रहा हो।
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