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“यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने किन्हें धन्य कहा है और क्यों?

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प्रश्न

“यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने किन्हें धन्य कहा है और क्यों?

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उत्तर

‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने नवजात शिशु और उसकी माँ दोनों को धन्य कहा है। उसने शिशु को इसलिए धन्य कहा है क्योंकि ऐसी मुसकान के प्रभाव से कठोर हृदय और थका-हारा जीवन से निराश व्यक्ति भी सहृदय और नवोत्साह से भर उठता है। उसने शिशु की माँ को इसलिए धन्य कहा है क्योंकि उसी के कारण कवि को सुंदर शिशु और उसकी मुसकान देखने का अवसर मिला।

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यह दंतुरित मुसकान
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