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मान लीजिए फलन f: R → R, f(x) = cosx, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है। - Mathematics (गणित)

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प्रश्न

मान लीजिए फलन f: R → R, f(x) = cosx, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।

योग
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उत्तर

हमारे पास है,

f: R → R, f(x) = cos x

अब,

f(x1) = f(x2)

cos x1 = cos x2

x1 = 2nπ ± x2, n ∈ Z

यह देखा गया है कि उपरोक्त समीकरण में x1 और xके अनंत हल हैं।

अत: f(x) अनेक फलन है।

साथ ही cos x का परिसर [–1, 1], है, जो दिए गए सह-प्रदेश R का उपसमुच्चय है।

इसलिए, दिया गया फलन आच्छादक नहीं है।

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संबंध एवं फलन
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अध्याय 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [पृष्ठ १२]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
अध्याय 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 11 | पृष्ठ १२

संबंधित प्रश्न

यदि f(x) = x2 तो `(f(1.1) - f(1))/((1.1 - 1))` ज्ञात कीजिए।


समुच्चय A = {1, 2, 3}, के लिए एक संबंध निचे लिखे अनुसार परिभाषित कीजिए:

R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3)}

उन क्रमित युग्मों को लिखिए जिनको R में जोड़ने से वह न्यूनतम (छोटे से छोटा) तुल्यता संबंध बन जाए।


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मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए, a * b = a – b


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

 a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4` 


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


अवयवों वाले समुच्चय A पर विचार कीजिए। A से स्वयं A पर एकैकी आच्छादक फलनों की कुल संख्या ______ है।


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क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।

{(a, b): a एक व्यक्ति है, b पूर्वज है a का}


यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा  g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

g = {(1, 4), (2, 4), (3, 4)}


मान लीजिए n एक निश्चित (स्थिर) धन पूर्णांक है। Z में एक संबंध R निम्लिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए : ∀ a, b ∈ Z, aRb यदि और केवल यदि a - b, भाज्य है n से। सिद्ध किजिए कि R एक तुल्यता संबंध है।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी नहीं है किंतु आच्छादक है।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

न तो एकैकी है और न आच्छादक है।


मान लीजिए A = {1, 2, 3, ... 9} तथा A ×A में (a, b)] (c, d) के लिए (a, b) R (c, d) यदि और केवल यदि a + d = b + c द्वारा परिभाषित R एक संबंध हैं। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है तथा तुल्यता-वर्ग [(2, 5)] भी प्राप्त (ज्ञात) कीजिए।


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फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o g ज्ञात कीजिए:


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समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


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