हिंदी

मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।

योग
Advertisements

उत्तर

दिया गया है, f: C → R ऐसा है कि f(z) = |z|, ∀ z ∈ C

अब, मान लीजिए z = 6 + 8i

फिर,

f(6 + 8i) = |6 + 8i|

= `sqrt(6^2 + 8^2)` 

= `sqrt(100)`

= 10

और, z = 6 – 8i के लिए

f(6 – 8i) = |6 – 8i|

= `sqrt(6^2 - 8^2)` 

= `sqrt(100)`

= 10

अत: f(z) बहुएक है।

इसके अलावा, |z| ≥ 0, ∀ z ∈ C

लेकिन दिया गया सह-प्रांत 'R' है

इसलिए, f(z) आच्छादक नहीं है।

shaalaa.com
संबंध एवं फलन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [पृष्ठ १२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
अध्याय 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 10 | पृष्ठ १२

संबंधित प्रश्न

फलन f(x) = f(x) = `(x^2 + 2x + 1)/(x^2 - 8x + 12)` का प्रांत ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि f : R → R है तब निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित चिन्ह फलन (Signum Function) है |

f(x) = `{(1"," x > 0), (0"," x = 0),(-1"," x < 0):}`

तथा g : R → R, g(x) = [x], द्वारा प्रदत्त महत्तम पूर्णांक फलन है, जहाँ [x], x से कम या x के बराबर पूर्णांक है, तो क्या fog तथा gof, अंतराल [0, 1] में संपाती (coincide) हैं?


मान लीजिए कि A = {0, 1, 2, 3} तथा A में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:

R = {(0, 0), (0, 1), (0, 3), (1, 0), (1, 1), (2, 2), (3, 0), (3, 3)}

क्या R स्वतुल्य, सममित, संक्रामक है?


यदि f = {(5, 2), (6, 3)}, g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओ का समुच्चय है तथा f : R → R एक फलन है, जो f (x) = 4x + 5 द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f–1 ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

 a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4` 


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


मान लीजिए कि R प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध है, जो nRm यदि n विभाजित करता है m को, द्वारा परिभाषित है, तो R


मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं के समुच्चय है तथा f : N → N, f (n) = 2n + 3 ∀ n ∈ N द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f


समुच्चय A में 3 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 4 अवयव हैं, तो A से B में परिभाषित एकैक प्रतिचित्रणों की संख्या


f (x) = `sqrt(x^2  –3x +2)`  द्वारा परिभषित फलन f : R → R का प्रांत ______ है। 


यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा  g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

h = {(1,4), (2, 5), (3, 5)}


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x y किसी पूर्णाक का वर्ग है,  x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


मान लीजिए A = {1, 2, 3, ... 9} तथा A ×A में (a, b)] (c, d) के लिए (a, b) R (c, d) यदि और केवल यदि a + d = b + c द्वारा परिभाषित R एक संबंध हैं। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है तथा तुल्यता-वर्ग [(2, 5)] भी प्राप्त (ज्ञात) कीजिए।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a – b ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि हम R में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित करें aRb यदि a ≥ b, तो R _________ है।


माना लीजिए कि A = {1, 2, 3, ...n} तथा B = {a, b}। तो A से B में आच्छादी प्रतिचित्रों (प्रतिचित्रणों) की संख्या _________ है।


मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।


मान लीजिए f: `[2, oo)` → R f(x) = x2 - 4x + 5 द्वारा परिभाषित फलन है, तो f का परिसर ______ है।


मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।


प्रत्येक संबंध जो सममित तथा संक्रामक है, स्वतुल्य भी है।


एक पूर्णांक m एक अन्य पूर्णांक n से संबंधित कहालाता है, यदि m, एक पूर्णांकीय गुणज है n का। Z में इस प्रकार का संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक होता है।


मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


प्रत्येक फलन व्युत्क्रमणीय होता है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×