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प्रश्न
यदि f = {(5, 2), (6, 3)}, g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f o g लिखिए।
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उत्तर
f o g = {(2, 2), (3, 3)}
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संबंधित प्रश्न
यदि f : R → R जहाँ f(x) = x2 - 3x + 2 द्वारा परिभाषित है तो f(f(x)) ज्ञात कीजिए |
मान लीजिए कि f : R → R है तब निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित चिन्ह फलन (Signum Function) है |
f(x) = `{(1"," x > 0), (0"," x = 0),(-1"," x < 0):}`
तथा g : R → R, g(x) = [x], द्वारा प्रदत्त महत्तम पूर्णांक फलन है, जहाँ [x], x से कम या x के बराबर पूर्णांक है, तो क्या fog तथा gof, अंतराल [0, 1] में संपाती (coincide) हैं?
समुच्चय A = {1, 2, 3}, के लिए एक संबंध निचे लिखे अनुसार परिभाषित कीजिए:
R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 3)}
उन क्रमित युग्मों को लिखिए जिनको R में जोड़ने से वह न्यूनतम (छोटे से छोटा) तुल्यता संबंध बन जाए।
यदि f = {(5, 2), (6, 3)} तथा g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f तथा g के परिसर लिखिए।
मान लीजिए कि f(x) = |x| + x तथा g(x) = x – x ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित f, g: R → R दो फलन हैं, तो f o g तथा g o f ज्ञात कीजिए।
मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं के समुच्चय है तथा f : N → N, f (n) = 2n + 3 ∀ n ∈ N द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f
मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = sin x तथा g : R → R g (x) = x2 द्वारा परिभषित हैं, तो f o g
मान लीजिए कि f: R → R फलन f(x) = 2x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। f–1 लिखिए।
क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।
{(x, y): x एक व्यक्ति है, y माँ है x की}
यदि A = {1, 2, 3, 4}, तो A में निम्लिखित गुण वाले संबंध को परिभाषित कीजिए:
सममित हों परन्तु न तो स्वतुल्य हों और न संक्रामक हों।
एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -
एकैकी है किंतु आच्छादक नहीं है।
मान लीजिए कि A = R – {3}, B = R – {1}, मान लीजिए कि f : A → B, f (x) = `(x - 2) /(x - 3)` ∀ x ∈ A द्वारा परिभाषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी आच्छादी है।
न लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:
k(x) = x2
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o f ज्ञात कीजिए:
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = a – b ∀ a, b ∈ Q
मान लीजिए कि T, यूक्लिडिय समतल में, सभी त्रिभुजों का समुच्चय है तथा मान लीजिए कि T में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित है कि aRb, यदि a सर्वांगसम है b के, ∀ a, b ∈ T, तो R ______
मान लीजिए f: R → R f(x) = x3 + 5 द्वारा परिभाषित एक फलन है, तो f–1(x) ______ है।
मान लीजिए f: `[2, oo)` → R f(x) = x2 - 4x + 5 द्वारा परिभाषित फलन है, तो f का परिसर ______ है।
मान लीजिए f: N → R f(x) = `(2x - 1)/2` द्वारा परिभाषित एक फलन है तथा g: Q → R g(x) = x + 2 द्वारा परिभाषित एक अन्य फलन है। तो (g o f) ` 3/2` ______ है।
मान लीजिए कि N में एक संबंध R, aRb यदि 2a + 3b = 30 द्वारा परिभाषित है, तो R = ______।
मान लीजिए कि A = {1, 2, 3, 4, 5} में एक संबंध R = {(a, b) : |a2 - b2| <8 द्वारा परिभाषित है, तो R _______ द्वारा व्यक्त है।
मान लीजिए कि f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1) तथा g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)}। तो g o f = ______ तथा f o g = ______।
मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।
प्रत्येक संबंध जो सममित तथा संक्रामक है, स्वतुल्य भी है।
प्रत्येक फलन व्युत्क्रमणीय होता है।
किसी समुच्चय में किसी द्वी-आधारी संक्रिया का तत्समक अवयव सदैव होता है।
