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कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा एवं लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था- (क) ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है? (ख) इसकी जगह अब किन

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प्रश्न

कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा एवं लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था-

(क) ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है?

(ख) इसकी जगह अब किन खेलों ने ले ली है?

(ग) कुश्ती को फिर से प्रिय खेल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

(क) कुश्ती, दंगल और पहलवानी पहले राजाओं के पसंदीदा मनोरंजन और शौक हुआ करते थे। लेकिन अब राजतंत्र की जगह लोकतंत्र स्थापित हो चुका है और मनोरंजन के अनेक नए साधन उपलब्ध हो गए हैं, इसलिए अब ऐसी स्थिति नहीं रही।

(ख) आज कुश्ती और दंगल जैसे खेलों की जगह बॉक्सिंग, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, फुटबॉल, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे खेल अधिक लोकप्रिय हो गए हैं।

(ग) कुश्ती को दोबारा लोकप्रिय बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकता है। साथ ही सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएँ शुरू की जा सकती हैं, जिससे बच्चों में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ सके।

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पहलवान की ढोलक
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अध्याय 13: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) - अभ्यास [पृष्ठ १०८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 13 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ १०८

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