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प्रश्न
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उत्तर
कला व्यक्ति के मन से स्वार्थ, परिवार, धर्म, भाषा और जाति जैसी सीमाओं को समाप्त कर उसे व्यापक और विस्तृत दृष्टिकोण प्रदान करती है। यह मनुष्य को महानता की ओर ले जाती है। कला में मानव मन में भावनाएँ जगाने, उसकी प्रवृत्तियों को रूपांतरित करने, विचारधारा को बदलने और रुचियों को सही दिशा देने की अद्भुत शक्ति होती है। इसके अध्ययन से आत्मसंतोष और आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है तथा इसके सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व विकसित होता है। जब यही कला संगीत के रूप में अभिव्यक्त होती है, तो कलाकार अपने गायन और वादन से न केवल स्वयं को बल्कि श्रोताओं को भी मंत्रमुग्ध कर देता है, जिससे वे आत्मविस्मृति की स्थिति में पहुँच जाते हैं। दीपक राग से दीपक का जल उठना और मल्हार राग से वर्षा का होना कला-साधना की सर्वोच्च सिद्धि को दर्शाता है।
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