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पाठ में अनेक अंश ऐसे हैं जो भाषा के विशिष्ट प्रयोगों की बानगी प्रस्तुत करते हैं। भाषा का विशिष्ट प्रयोग न केवल भाषाई सर्जनात्मकता को बढ़ावा देता है बल्कि कथ्य को भी प्रभावी

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प्रश्न

पाठ में अनेक अंश ऐसे हैं जो भाषा के विशिष्ट प्रयोगों की बानगी प्रस्तुत करते हैं। भाषा का विशिष्ट प्रयोग न केवल भाषाई सर्जनात्मकता को बढ़ावा देता है बल्कि कथ्य को भी प्रभावी बनाता है। यदि उन शब्दों, वाक्यांशों के स्थान पर किन्हीं अन्य का प्रयोग किया जाए तो संभवतः वह अर्थगत चमत्कार और भाषिक सौंदर्य उद्घाटित न हो सके। कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-
  • फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
  • राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
  • पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।

इन विशिष्ट भाषा-प्रयोगों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

एक गाँव में मलखान नाम का एक प्रसिद्ध पहलवान रहता था, जिसकी दूर-दूर तक चर्चा होती थी। कोई भी पहलवान उसके सामने अखाड़े में उतरने का साहस नहीं करता था। एक दिन वह शहर की ओर गया, जहाँ उसकी भेंट बिल्लू पहलवान से हुई। बिल्लू ने उसे कुश्ती के लिए अखाड़े में चुनौती दी। मलखान तुरंत उस पर बाज़ की तरह झपट पड़ा। उसकी विजय से राजा साहब अत्यंत प्रसन्न हुए और उनकी कृपा से उसकी प्रसिद्धि और भी बढ़ गई। राजा साहब ने उसे राज-पहलवान नियुक्त कर दिया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ हो गई। बाद में उसने विवाह कर लिया। विवाह के दो वर्ष पश्चात उसकी पत्नी ने दो पुत्रों को जन्म दिया और उसके बाद उसका निधन हो गया।

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पहलवान की ढोलक
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अध्याय 13: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) - अभ्यास [पृष्ठ १०९]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 13 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १०९

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