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पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए।
स्पष्ट कीजिए
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उत्तर

मानवीकरण के अंश:

  1. “अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही थी।”
    आशय - इस वाक्य में रात का मानवीकरण किया गया है। गाँव में मलेरिया और हैजे के कारण चारों ओर दुख और त्रास फैला हुआ था। ऐसा प्रतीत होता था मानो अँधेरी रात भी इस पीड़ा को देखकर मौन होकर आँसू बहा रही हो।
  2. “अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिला कर हँस पड़ते थे।”
    आशय - यहाँ तारों को हँसते हुए दिखाकर उनका मानवीकरण किया गया है। वे मानो भावुक तारे की असफलता का उपहास कर रहे हों।
  3. “ढोलक लुढ़की पड़ी थी।”
    आशय - यह प्रसंग पहलवान की मृत्यु को दर्शाता है। ढोलक और पहलवान का गहरा संबंध था, क्योंकि ढोलक की ध्वनि ही उसके जीवन और ऊर्जा का प्रतीक थी। उसके निधन के बाद ढोलक का शांत हो जाना उसके जीवन के अंत को दर्शाता है।
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पहलवान की ढोलक
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अध्याय 13: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) - अभ्यास [पृष्ठ १०८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 13 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)
अभ्यास | Q 9. | पृष्ठ १०८

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