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NCERT solutions for Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12 chapter 13 - फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) [Latest edition]

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Chapters

    1: हरिवंश राय बच्चन (आत्मपरिचय, एक गीत)

    2: आलोक धन्वा (पतंग)

    3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)

    4: रघुवीर सहाय (कैमरे में बंद अपाहिज)

    5: शमशेर बहादुर सिंह (उषा)

    6: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (बादल राग)

    7: तुलसीदास (कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप)

    8: फ़िराक गोरखपुरी (रुबाइयाँ)

    9: उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख)

    10: महादेवी वर्मा (भक्तिन)

    11: जैनेन्द्र कुमार (बाज़ार दर्शन)

    12: धर्मवीर भारती (काले मेघा पानी दे)

▶ 13: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

    14: हजारी प्रसाद द्विदेदी (शिरीष के फूल)

    15: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर (श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज)

NCERT solutions for Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12 chapter 13 - फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 13: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

Below listed, you can find solutions for Chapter 13 of CBSE NCERT for Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 108 - 109]

NCERT solutions for Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12 13 फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक) अभ्यास [Pages 108 - 109]

पाठ के साथ

1.Page 108
कुश्ती के समय ढोल की आवाज़ और लुट्टन के दाँव-पेंच में क्या तालमेल था? पाठ में आए ध्वन्यात्मक शब्द और ढोल की आवाज़ में आपके मन में कैसी ध्वनि पैदा करते हैं, उन्हें शब्द दीजिए।
2.Page 108

कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?

3.Page 108
लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यही ढोल है?
4.Page 108

गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत के बावजूद लुट्टन पहलवान ढोल क्यों बजाता रहा?

5.Page 108

ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?

6.Page 108

महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था?

7.Page 108

कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा एवं लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था-

(क) ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है?

(ख) इसकी जगह अब किन खेलों ने ले ली है?

(ग) कुश्ती को फिर से प्रिय खेल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?

8.Page 108

आशय स्पष्ट करें-

आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।

9.Page 108
पाठ में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। पाठ में से ऐसे अंश चुनिए और उनका आशय स्पष्ट कीजिए।

पाठ के आसपास

1.Page 108
पाठ में मलेरिया और हैज़े से पीड़ित गाँव की दयनीय स्थिति को चित्रित किया गया है। आप ऐसी किसी अन्य आपद स्थिति की कल्पना करें और लिखें कि आप ऐसी स्थिति का सामना कैसे करेंगी/करेंगे?
2.Page 108
ढोलक की थाप मृत-गाँव में संजीवनी शक्ति भरती रहती थी- कला से जीवन के संबंध को ध्यान में रखते हुए चर्चा कीजिए।
3.Page 108

चर्चा करें- कलाओं का अस्तित्व व्यवस्था का मोहताज नहीं है।

भाषा की बात

1.Page 109
हर विषय, क्षेत्र, परिवेश आदि के कुछ विशिष्ट शब्द होते हैं। पाठ में कुश्ती से जुड़ी शब्दावली का बहुतायत प्रयोग हुआ है। उन शब्दों की सूची बनाइए। साथ ही नीचे दिए गए क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कोई पाँच-पाँच शब्द बताइए-
  • चिकित्सा
  • क्रिकेट
  • न्यायालय
  • या अपनी पसंद का कोई क्षेत्र
2.Page 109
पाठ में अनेक अंश ऐसे हैं जो भाषा के विशिष्ट प्रयोगों की बानगी प्रस्तुत करते हैं। भाषा का विशिष्ट प्रयोग न केवल भाषाई सर्जनात्मकता को बढ़ावा देता है बल्कि कथ्य को भी प्रभावी बनाता है। यदि उन शब्दों, वाक्यांशों के स्थान पर किन्हीं अन्य का प्रयोग किया जाए तो संभवतः वह अर्थगत चमत्कार और भाषिक सौंदर्य उद्घाटित न हो सके। कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-
  • फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
  • राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
  • पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।

इन विशिष्ट भाषा-प्रयोगों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।

3. (i)Page 109

जैसे क्रिकेट की कमेंट्री की जाती है वैसे ही इसमें कुश्ती की कमेंट्री की गई है? आपको दोनों में क्या समानता दिखाई पड़ती है?

3. (ii)Page 109

जैसे क्रिकेट की कमेंट्री की जाती है वैसे ही इसमें कुश्ती की कमेंट्री की गई है? आपको दोनों में क्या अंतर दिखाई पड़ता है?

Solutions for 13: फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

अभ्यास
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NCERT solutions for Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12 chapter 13 - फणीश्वर नाथ रेणु (पहलवान की ढोलक)

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